बीएसएनएल के ग्राहकों को अब पल्स रेट की बजाय कॉल डिटेल के आधार पर बिलों का भुगतान करना होगा।इस प्रक्रिया को सीडीआ बिलिंग नाम दिया गया है। सीडीआर बिलिंग के लिए देश भर के बीस शहरों का चयन किया गया है। इससे अब एसटीडी और लोकल कॉलों की दरों का अंतर भी खत्म हो जाएगा। अभी तक मोबाइल और लैंडलाइन फोन की बिलिंग दूरी और पल्स के हिसाब से होती थी। इसमें एसटीडी और लोकल काल के लिए अलग-अलग दरें होती है लेकिन अब सीडीआर बिलिंग के बाद पल्स और दूरी के आधार पर बिल नहीं बनेंगे। इससे ग्राहकों और कंपनी दोनों को ही फायदा होगा। इस योजना के तहत हर शहर और हर राज्य के लोगों से बात करने के लिए अलग-अलग पैकेज बनाए जाएंगे।
हिन्दी मीडिया से साभार
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