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Saturday, November 8, 2008

संबंधों की समाधि पर पाँव रख कर आगे बढ़ने वाली सभ्यता के युगपुरुषों !

सिंगापुर के सबसे युवा करोड़पति ने अपने करोड़पति होने दूसरों को करोड़पति बनने के कुछ गुर बताए हैं

यदि आप नहीं जानते कि यह कौन है तो उसका प्रबंध भी Who is Adam Khoo पर हैये रहस्य जिन्हें हम बहुधा धन कमाने के रहस्य समझ बैठते हैं जीवन शैली से कितना कैसा सम्बन्ध रखते हैं , इसे अनेक लोगों के अनुभवों ने जब जब बताया-बाँटा है, तब तब प्रमाणित हुआ है कि व्यक्तिगत जीवन की छोटी छोटी प्रतीत होने वाली आदतें कभी कभी मनुष्य को कहाँ से कहाँ ले जाती क्या से क्या बना देती हैं

इसी ब्लॉग पर मैंने कुछ माह पूर्व स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में दिए कम्प्यूटर जगत के एक ख्यातनाम व्यक्तित्व (Steve Jobs) के संभाषण को भी इसी दृष्टि से प्रस्तुत किया थाकिंतु दुर्भाग्य है कि भारत में अभी नव धनाढ्यों की एक ऐसी फौज तैयार हो गयी है (रही है) जिसके लिए इन छोटे छोटे प्रतीत होते मूल्यों के कोई महत्ता नहीं हैसंबंधों की समाधि पर पाँव रख कर आगे बढ़ने वाली सभ्यता के युगपुरुषों के लिए यह पोस्ट आँख खोलने वाले सिद्ध होगी. अस्तु, आप पढ़ें --




A Blog Posted by Singapore 's Youngest Millionaire



Some of you may already know that I travel around the region pretty frequently, having to visit and conduct seminars at my offices in Malaysia , Indonesia , Thailand and Suzhou ( China ). I am in the airport almost every other week so I get to bump into many people who have attended my seminars or have read my books.

Recently, someone came up to me on a plane to KL and looked rather shocked.. He asked, 'How come a millionaire like you is travelling economy?' My reply was, 'That's why I am a millionaire. ' He still looked pretty confused. This again confirms that greatest lie ever told about wealth (which I wrote about in my latest book 'Secrets of Self Made Millionaires' ). Many people have been brainwashed to think that millionaires have to wear Gucci, Hugo Boss, Rolex, and sit on first class in air travel. This is why so many people never become rich because the moment that earn more money, they think that it is only natural that they spend more, putting them back to square one.

The truth is that most self-made millionaires are frugal and only spend on what is necessary and of value. That is why they are able to accumulate and multiply their wealth so much faster. Over the last 7 years, I have saved about 80% of my income while today I save only about 60% (because I have my wife, mother in law, 2 maids, 2 kids, etc. to support). Still, it is way above most people who save 10% of their income (if they are lucky). I refuse to buy a first class ticket or to buy a $300 shirt because I think that it is a complete waste of money. However, I happily pay $1,300 to send my 2-year old daughter to Julia Gabriel Speech and Drama without thinking twice.

When I joined the YEO (Young Entrepreneur' s Organization) a few years back (YEO is an exclusive club open to those who are under 40 and make over $1m a year in their own business) I discovered that those who were self-made thought like me. Many of them with net worths well over $5m, travelled economy class and some even drove Toyota 's and Nissans (not Audis, Mercs, BMWs).

I noticed that it was only those who never had to work hard to build their own wealth (there were also a few ministers' and tycoons' sons in the club) who spent like there was no tomorrow. Somehow, when you did not have to build everything from scratch, you do not really value money. This is precisely the reason why a family's wealth (no matter how much) rarely lasts past the third generation. Thank God my rich dad (oh no! I sound like Kiyosaki) foresaw this terrible possibility and refused to give me a cent to start my business.

Then some people ask me, 'What is the point in making so much money if you don't enjoy it?' The thing is that I don't really find happiness in buying branded clothes, jewellery or sitting first class. Even if buying something makes me happy it is only for a while, it does not last. Material happiness never lasts, it just give you a quick fix. After a while you feel lousy again and have to buy the next thing which you think will make you happy. I always think that if you need material things to make you happy, then you live a pretty sad and unfulfilled life.

Instead, what make ME happy is when I see my children laughing and playing and learning so fast. What makes me happy is when I see by companies and trainers reaching more and more people every year in so many more countries. What makes me really happy is when I read all the emails about how my books and seminars have touched and inspired someone's life. What makes me really happy is reading all your wonderful posts about how this BLOG is inspiring you. This happiness makes me feel really good for a long time, much much more than what a Rolex would do for me.

I think the point I want to put across is that happiness must come from doing your life's work (be in teaching, building homes, designing, trading, winning tournaments etc.) and the money that comes is only a by-product. If you hate what you are doing and rely on the money you earn to make you happy by buying stuff, then I think that you are living a life of meaningless.



Thursday, October 23, 2008

हमने आज प्रतिज्ञा की थी , इसीलिए ...



हिन्दी भारत समूह
को आरम्भ हुए आज २३ अक्तूबर २००८  को पूरा एक वर्ष हो गया । इसके इस कार्यकाल को समूह के साथियों की उपस्थिति ने अत्यन्त जीवन्त व प्राणवान् बनाए रखा है।


मैं एक वर्ष के अतीत में आज देखती हूँ तो वे कुछ दिन स्मरण हो आते हैं जब इसके गठन के लिए मूल चिन्ताओं से व्यग्र हो यह प्रयास आरम्भ किया था। भविष्य में देखती हूँ तो आने वाले समय के लिए बहुत -सी सुखद कल्पनाओं से भर जाती हूँ। किसी भी संस्था अथवा संगठन का अस्तित्व उसके बने रहने मात्र में नहीं निहित होता अपितु प्रकारान्तर में उसके मन्तव्यों के सफलीभूत होने में निहित रहता है। जैसे जैसे सामूहिक चिन्ताओं पर सामूहिक सम्वाद की स्थितियाँ बनती हैं तैसे तैसे उनके निराकरण की दिशाएँ व मार्ग भी प्रशस्त होने की सम्भावनाएँ प्रबल होती चली जाती हैं। यों होना तो उस से अधिक चाहिए, अपेक्षित भी होता है किन्तु यही क्या कम हर्ष का विषय है कि किसी मुद्दे को लेकर कम से कम देश दुनिया में रहने वाले कुछ मुट्ठीभर लोग तो एकत्र हुए! बस, इसी सामूहिकता के बूते बड़ी बड़ी सुलझनें भी पा ही ली जा सकती हैं; आशा बल देती है.

अस्तु! इस प्रथम वर्षगाँठ को वार्षिक अधिवेशन के रूप में २५ अक्टूबर, शनिवार को नेट पर एक सामूहिक चर्चा के माध्यम से सम्पन्न करने का विचार बन रहा है। यदि आप में से कोई नया विचार सु्झाएँ तो उसका भी स्वागत है। इसे भारतीय समय से रात्रि ९ बजे व यूके (लंदन समय) ४ .३० बजे दोपहर को आरम्भ करने की योजना है ; लगभग दो घंटे का कार्यक्रम रहेगा । इसे याहू के मैसेंजर के माध्यम से चित्र व ध्वनि-कॊन्फ़्रेन्सिंग के रूप में सम्पन्न किया जाएगा । जिसमें एक हेडफ़ोन ( माईक सहित) की आवश्यकता होगी। परिचर्चा को सम्बोधित करने के लिए ३-४ वक्ताओं की अभी योजना है, जो १५ मिनट हमें सम्बोधित करेंगे। शेष एक घंटा हम परस्पर सम्वाद का सुख लेंगे। (- यह अभी तक ऐसी इच्छा है।) आप सभी किसी भी प्रकार का सुझाव देना चाहें तो स्वागत है। तुरत प्रतिक्रियाओं की अपेक्षा है। नेट पर भाषा, संस्कृति, सामाजिक प्रश्न व साहित्य आदि में रुचि रखने वालों से निवेदन है की अपनी उपस्थिति से इसे सफल व सार्थक बनाएँ | इसा खुले मंच पर सभी का स्वागत कर हर्ष होगा |
इसके तकनीकी पक्ष के लिए नीचे दी गई जानकारी देखें -
विस्तृत जानकारी
सामूहिक चर्चा में भाग लेने के लिये :
  1. आप को याहू id और याहू मेसेन्जर सौफ़्ट्वेयर की ज़रूरत होगी । यदि आप के पास याहू id नहीं है तो एक नया id बनायें । याहू मेसेन्ज़र सौफ़्ट्वेयर यहाँ उपलब्ध है , download करें और स्थापित करें http://messenger.yahoo.com/
  2. याहू मेसेन्ज़र पर logon करें (याहू id का प्रयोग करते हुए).
  3. याहू मेसेन्ज़र में Contacts और फ़िर Add a Contact पर click करें | email address की जगह bharathindi@yahoo.co.uk टाइप करें और next पर Click करें । एक बार फ़िर next पर Click करें और फ़िर finish पर ।
  4. निर्धारित समय (भारतीय समय रात ९ बजे, न्यूयार्क समय सुबह ११:३० बजे व लन्दन समय दोपहर ४.३० बजे) याहू मेसेन्ज़र पर logon करें । आप को एक Conference Call में शामिल होने का निमंत्रण मिलेगा , उसे स्वीकार करें ।
  5. Chat Window में आवाज के लिये Call और यदि आप के पास web camera है तो webcam पर Click करें ।
  6. आप को आवाज़ सुनने के लिये speakers और बोलने के लिये Microphone की ज़रूरत होगी । यदि आप के पास headphone है तो वह speaker और Microphone दोनों का काम कर सकते हैं। यदि आप के पास web camera है तो और लोग आप को देख सकेंगें ।
  7. पूर्व में इस तरह के प्रयोग में देखा गया था कि यदि आप के पास Vista Operating Systsem है तो आप को शायद Conference call में न जोड़ा जा सके ।
  8. वार्ता शनिवार को करना तय हुआ है । इस की तैयारी के लिये शुक्रवार को ठीक उसी समय एक प्रयोग किया जा सकता है ।
  9. यदि आप के पास कोई प्रश्न हो तो इस ब्लॉग पर टिप्पणी के रूप में लिखें। यदि अपना ईमेल यहाँ न देना चाहें तो आपको उत्तर भी यहीं प्राप्त होगा ।
  10. जो इस कार्यक्रम में भाग लेना चाहते हैं, वे Yahoo Messenger पर जा कर bharathindi@yahoo.co.uk को अपने Contacts में जोड़े या bharathindi@yahoo.co.uk पर एक पत्र भेजें ।

- आप सभी की उपस्थिति प्रार्थित है |

Friday, October 17, 2008

अपना ब्लॉग, कम्प्यूटर, वेबपेज, डेस्कटॉप सँवारें





SWF फार्मेट में घड़ियों के यदि आप उत्सुक हैं तो एक बहुत सुंदर संग्रह आप को यहाँ फ़्री उपलब्ध मिलेगा।











इसी प्रकार 3d आर्ट वालपेपर यहाँ

फ़्री आर्ट सॉफ्टवेयर यहाँ
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